cinemaस्रोत: Varietyप्रकाशित
क्रिस्टोफर नोलन ने अमेच्योर फिल्म समीक्षकों के प्रति निंदा की: 'विधि का मैकेनिज्म पहचानना उसे अमान्य नहीं बनाता है'
cinema · Varietyप्रसिद्ध निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन ने अमेच्योर फिल्म समीक्षकों के प्रति अपनी राय व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने तर्क दिया है कि वे अक्सर जटिल कथा कहने में अक्षम होते हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि विधि का मैकेनिज्म पहचानना उसे अमान्य नहीं बनाता है, बल्कि इसकी गहराई को समझने की आवश्यकता है। नोलन के विचारों ने उनकी नवीनतम फिल्म, 'द ओडिसी', के बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ने के बीच एक व्यापक बहस को जन्म दिया है।
एक नज़र में
- नोलन का तर्क है कि अमेच्योर समीक्षक अक्सर फिल्म के सतही पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं बजाय इसके कि उसके गहरे अर्थ पर।
- उन्होंने तर्क दिया है कि विधि का मैकेनिज्म पहचानना उसे अमान्य नहीं बनाता है, बल्कि इसकी गहराई को समझने की आवश्यकता है।
- नोलन के विचारों ने फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में एक व्यापक बहस को जन्म दिया है और कथा कहने में निष्ठा और गहराई के महत्व पर जोर दिया है।